अंतर्राष्ट्रीय एस एंड टी सहयोग

डीएसटी के विज्ञान व प्रौद्योगिकी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रभाग का उत्तरदायित्व है – (i) भारत तथा अन्य देशों के बीच हुए एसएंडटी समझौतों पर विचार-विमर्श करना, निष्कर्ष निकालना और लागू करना ; (ii) अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर एसएंडटी आयामों के संदर्भ में अपनी बात रखना। प्रभाग अपना उत्तरदायित्व विभिन्न विभागों के साथ घनिष्ठ परामर्श के आधार पर निभाता है जैसे विदेश मंत्रालय, विदेश स्थित भारत मिशन, जर्मनी, जापान, रूस और यू.एस. में एसएंडटी सलाहकार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा जगत के संस्थानों के हितधारक, संबंधित सरकारी एजेंसियों तथा विभिन्न भारतीय उद्योग – परिसंघ।

अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी सहयोग दो स्तरों पर कार्यान्वित किया जाता है – (i) विकसित और विकाशील देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग, (ii) बहुपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग। वर्तमान में भारत का 83 देशों के साथ समझौता है। 44 देशों के साथ सक्रिय सहयोग समझौता है। हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, इजरायल, जापान, रूस, यू.के. और यू.एस.ए के साथ सहयोग में काफी मजबूती आई है। भारत-अफ्रीका एसएंडटी पहल के माध्यम से अफ्रीकी देशों के साथ भी सहयोग-सम्बन्ध मजबूत हुए हैं। “एक्ट-ईस्ट” नीति के तहत कुछ पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को मजबूती प्रदान करने के लिए भारत ने “सॉफ्ट पावर” का लाभ उठाया है।

प्रभाग वर्तमान में 3 द्वि-राष्ट्रीय एसएंडटी केन्द्रों को सहयोग प्रदान करता है जिनका गठन फ्रांस, यू.एस.ए और जर्मनी देशों के साथ अंतर-सरकारी द्विपक्षीय समझौते के तहत किया गया है।

विभिन्न देशों/संगठनों के साथ परस्पर हित के चयनित क्षेत्रों में सहयोग विभिन्न तरीकों के माध्यम से किया जाता है, जैसे :

निम्न के माध्यम से संपर्क – निर्माण

  • संयुक्त कार्यशालाएं/सेमीनार/संगोष्ठी/प्रदर्शनी
  • फेलोशिप, प्रशिक्षण, भ्रमण
  • अन्वेषण यात्रा
  • प्रख्यात वैज्ञानिकों के व्याख्यान
  • अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में युवा शोधकर्ताओं को शामिल करना, विशेषज्ञों द्वारा युवा शोधकर्त्ताओं को सहयोग देना।

युवा शोधकर्त्ताओं को सहयोग देना।

  • परस्पर हित से जुड़ी परियोजनाओं में संयुक्त शोध व अनुसंधान
  • परियोजना आधारित आदान-प्रदान
  • प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय स्कूल
  • उच्च स्तरीय सुविधाओं तक पहुंच
  • विज्ञान की बड़ी परियोजनाओं में सहभागिता।

सुविधाएं और प्रोत्साहन

  • संयुक्त आरएंडडी कलस्टर
  • वर्चुअल नेटवर्क केन्द्र
  • बहु-संस्थानिक आरएंडडी परियोजनाएं
  • संयुक्त उद्यमों का निर्माण

वाणिज्यिक आरएंडडी और नवाचार को प्रोत्साहन

  • शिक्षा जगत और उद्योग जगत से जुड़ी आरएंडडी परियोजनाएं
  • नवाचार और उद्यमिता के लिए पीपीपी (जीआईटीए प्लेटफार्म)
  • प्रौद्योगिकी विकास व हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाना
  • सहयोगी देश के साथ वार्षिक प्रौद्योगिकी शिखर बैठक

तीसरे ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक सम्मेलन, डरबन, दक्षिण अफ्रीका (25-29 जून, 2018) में शामिल होने के लिए आवेदनों के आमंत्रण की घोषणा।

 

2004-05 [PDF]55.97 KB 2005-06 [PDF]52.65 KB 2006-07 [PDF]104.35 KB 2007-08 [PDF]84.78 KB 2008-09 [PDF]80.91 KB
2009-10 [PDF]71.39 KB 2010-11 [PDF]266.52 KB 2011-12 [PDF]312 KB 2012-13 [PDF]163.36 KB 2013-14 [PDF]307.79 KB
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर अधिक जानकारी के लिए।
अंतर्राष्ट्रीय द्विपक्षीय सहयोग प्रभाग अंतर्राष्ट्रीय बहुपक्षीय क्षेत्रीय सहयोग प्रभाग
डॉ. अरबिंडा मित्रा
वैज्ञानिक - 'जी'
विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग
प्रौद्योगिकी भवन
न्यू महरौली रोड
नई दिल्ली-110 016.
टेली: 011- 26961912, 26862418
टेलीफैक्स: 011- 26862418
ईमेलl: amitra [at] nic [dot] in
डॉ. साधना रेलिया
वैज्ञानिक - 'जी'
विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग
प्रौद्योगिकी भवन
न्यू महरौली रोड
नई दिल्ली-110 016.
टेली: 011-26602216, 26590460
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