परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरण सुविधाएँ (सैफ) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की एक प्रमुख राष्ट्रीय योजना है। इसकी स्थापना वर्ष 1974 में क्षेत्रीय परिष्कृत उपकरण केंद्र (रीजनल सोफिस्टिकेटेड इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर्स – आरएसआईसी) के रूप में की गई थी। वर्ष 2002–03 में इस कार्यक्रम के विस्तारित राष्ट्रीय स्वरूप एवं विकसित होते उद्देश्यों को प्रतिबिंबित करने के लिए इसका नाम परिवर्तित कर सैफ कर दिया गया।
सैफ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत भर के शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरणों तक सुलभ एवं किफायती पहुँच प्रदान करना है, विशेष रूप से उन शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के लिए जिनके पास इस प्रकार की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अवसंरचना उपलब्ध नहीं है।
यह योजना उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों तक समावेशी एवं समान अवसर सुनिश्चित करती है, जिससे गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलता है, विश्लेषणात्मक क्षमताओं में वृद्धि होती है तथा देश में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) की गुणवत्ता और उत्कृष्टता सुदृढ़ होती है। इसके अतिरिक्त, ये सुविधाएँ अंतःविषय अनुसंधान को बढ़ावा देती हैं, उद्योग–अकादमिक सहयोग को सशक्त बनाती हैं तथा परिष्कृत तकनीकों में वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानव संसाधन के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वर्तमान में देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों में 15 एसएआईएफ (परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरण सुविधा) केंद्र कार्यरत हैं। ये केंद्र निम्नलिखित संस्थानों में स्थापित हैं:
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास (चेन्नई)
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (मुंबई)
- सीएसआईआर–केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई), लखनऊ
- पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़
- पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय (एनईएचयू), शिलांग
- भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली
- गुवाहाटी विश्वविद्यालय, गुवाहाटी
- चारुतर विद्या मंडल (सीवीएम), वल्लभ विद्यानगर
- वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपकरण केंद्र (एसटीआईसी), कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कोच्चि
- शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर
- भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईईएसटी), शिबपुर
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना
- महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोट्टायम
- कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़
ये केंद्र उच्च स्तरीय विश्लेषणात्मक उपकरणों की सुविधा प्रदान करते हैं, जिनमें (एनएमआर), (एसईएम), (टीईएम), (एचआर-एमएस), (एक्सआरडी), (ईपीआर), (ईपीएमए), तापीय विश्लेषण प्रणालियाँ तथा अन्य अत्याधुनिक उपकरण शामिल हैं। इनमें से अनेक उपकरण ऐसे हैं जो सामान्यतः व्यक्तिगत संस्थानों के लिए अत्यधिक महंगे होने के कारण उपलब्ध या सुलभ नहीं होते।
यह कार्यक्रम वैश्विक वैज्ञानिक प्रगति के अनुरूप इन केंद्रों के उन्नयन एवं क्षमता संवर्धन को निरंतर समर्थन प्रदान करता है। समय के साथ, एसएआईएफ क्षमता निर्माण, उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी कौशल विकास तथा नवाचार को समर्थन देने के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसंरचना के रूप में उभरा है। इन सुविधाओं का व्यापक रूप से शैक्षणिक संस्थानों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, स्टार्ट-अप्स तथा उद्योगों से जुड़े शोधकर्ताओं द्वारा उपयोग किया जाता है।
सैफ (परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरण सुविधाएँ) के उद्देश्य
- शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों, व्यक्तियों आदि से प्राप्त नमूनों का विश्लेषण करना।
- शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) प्रयोगशालाओं तथा उद्योगों से जुड़े वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों को परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरणों की सेवाएँ उपलब्ध कराना, जिससे वे अपने अनुसंधान एवं विकास कार्यों हेतु नमूनों का विश्लेषण, चरित्रांकन एवं मापन कर सकें।
- परिष्कृत वैज्ञानिक उपकरणों के निवारक रखरखाव, परीक्षण तथा मरम्मत के लिए आवश्यक क्षमताओं का अधिग्रहण एवं विकास करना।
- शोध छात्रों, शिक्षकों तथा अन्य प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों एवं उद्योगों के कार्मिकों के लिए विभिन्न उपकरणों एवं तकनीकों के उपयोग एवं अनुप्रयोग से संबंधित अल्पकालिक पाठ्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों का आयोजन करना।
- परिष्कृत उपकरणों के संचालन एवं रखरखाव हेतु तकनीकी कर्मियों को प्रशिक्षित करना।
- परिष्कृत उपकरणों के प्रोटोटाइप विकास अथवा वर्तमान उपकरणों की क्षमताओं के संवर्धन से संबंधित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना तथा उनमें सक्रिय सहभागिता करना।
देशभर में सैफ (SAIF) केंद्र
वर्तमान में देशभर में 15 सैफ केंद्र कार्यरत हैं। ये केंद्र निम्नलिखित स्थानों पर स्थित हैं, जैसा कि नीचे दिए गए मानचित्र में दिखाया गया है:

ये सैफ केंद्र विभिन्न विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के शोधकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विविध परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरणों से सुसज्जित हैं। शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) प्रयोगशालाओं, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्ट-अप्स और अन्य उद्योग हितधारकों से जुड़े शोधकर्ता सामान्य उपयोग शुल्क का भुगतान करके इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
इन सुविधाओं तक पहुँच I-STEM वेब पोर्टल https://www.istem.gov.in के माध्यम से या सीधे सैफ पोर्टल https://saifora.iitb.ac.in/crnts/Online_Ext_Reg/Web_Portal_DST_SAIF/index.jsp के द्वारा प्राप्त की जा सकती है।
नीचे दिए गए सैफ केंद्रों की सूची का उपयुक्त हिंदी अनुवाद प्रस्तुत है, जिसे आप रिपोर्ट या प्रेजेंटेशन में सीधे उपयोग कर सकते हैं:
| क्रमांक | केंद्र का नाम | स्थापना वर्ष |
|---|---|---|
| 1 | सैफ, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान–मद्रास, चेन्नई | 1974 |
| 2 | सैफ, केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई), लखनऊ | 1974–75 |
| 3 | सैफ, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान–बॉम्बे, मुंबई | 1976 |
| 4 | सैफ, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु | 1977 |
| 5 | सैफ, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ | 1978–79 |
| 6 | सैफ, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली | 1983 |
| 7 | सैफ, पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय (एनईएचयू), शिलांग | 1984 |
| 8 | सैफ, गुवाहाटी विश्वविद्यालय, गुवाहाटी | 1986 |
| 9 | सैफ, सिकार्ट (SICART), गुजरात | 1998 |
| 10 | सैफ, वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपकरण केंद्र (STIC), कोच्चि | 2003 |
| 11 | सैफ, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान–पटना | 2013 |
| 12 | सैफ, भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, शिबपुर | 2013 |
| 13 | सैफ, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोट्टायम | 2013 |
| 14 | सैफ, कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ | 2013 |
| 15 | सैफ, शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर | 2014 |
सामान्य जानकारी
सैफ केंद्रों द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएँ सभी उपयोगकर्ताओं और संस्थाओं के लिए, सामान्य शुल्क का भुगतान करके उपलब्ध हैं। सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया, नमूना विश्लेषण शुल्क, अल्पकालिक पाठ्यक्रमों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं का समय-सारणी आदि की विस्तृत जानकारी संबंधित सैफ केंद्र के प्रमुख से या संबंधित सैफ केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।
डॉ. प्रतिष्ठा पांडेय
वैज्ञानिक जी / प्रमुख
अनुसंधान एवं विकास (R&D) अवसंरचना प्रभाग
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
टेक्नोलॉजी भवन
नई महरौली रोड
नई दिल्ली – 110016
दूरभाष: 011-26590452
ईमेल: pratishtha[dot]tp[at]nic[dot]in
डॉ. सुचित्रा लोखंडे
वैज्ञानिक सी
अनुसंधान एवं विकास (R&D) अवसंरचना प्रभाग
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
टेक्नोलॉजी भवन
नई महरौली रोड
नई दिल्ली – 110016
दूरभाष: 011-26590243
ईमेल: suchita[dot]lokhande[at]nic[dot]in













